नये विश्वासियों के प्राथमिक कार्य (Don'ts for New believers आप क्या न करें।) अध्याय 2

 अध्याय 2
नये विश्वासियों के प्राथमिक कार्य
आप क्या न करें Don'ts for New believers 
भाग (क)
Don'ts for New believers आप क्या  न करें।

जय मसीह की🙏

मैं पास्टर विवेक साइमन दूसरे अध्याय के भाग (क) में आपका स्वागत है।

सबसे पहले तो मैं आपको बता दूं कि परमेश्वर ने आपको इसलिए बनाया है क्योंकि वे आपसे प्यार करते हैं। वरना सैकड़ों जीवन सत्य के प्रकाश से बाहर अंधकार में अपना जीवन जी रहे हैं और हजारों उस अंधकार में ही मिट्टी में मिल जाते हैं। अगर आप प्रभु यीशु मसीह के करीब आ पाए हैं तो यह आपका अपना चुनाव नहीं है बल्कि यह परमेश्वर चाहते थे। बाइबल बताती है कि जब तक किसी को पिता की ओर यह वरदान न दिया जाए तक तक वह मेरे पास नहीं आ सकता। यूहन्ना 6:65

प्रभु यीशु मसीह को ग्रहण करने के बाद आपको धीरज के साथ परमेश्वर की इच्छा पूरी करनी है। और उसकी इच्छा यह है कि आपको अपने को प्रभु यीशु मसीह की समानता में तराशना है छांटना है, एक अनोखा परमेश्वर का सिद्ध जन बनकर मसीह के स्वरूप में तैयार होना है ताकि आप उसके सम्मुख खड़े होकर अंत में उस इंटरव्यू को पास कर सकें जिसे बाइबल की भाषा में में "लेखा दिया जाना" कहते हैं, जिसे परमेश्वर हर मनुष्य से लेंगे ताकि आप उसे पास करके परमेश्वर के साथ अनंत जीवन में जी सके। 

अनंत जीवन की तैयारी के लिए आपको सबसे पहले एक बेहतरीन शुरुआत करनी होगी इसके लिए आपको सबसे पहले सीखना होगा कि मसीही जीवन में सबसे पहले क्या करें और क्या ना करें। अध्याय 2 के पहले भाग में हम देखेंगे कि सबसे पहले हमें क्या नहीं करना चाहिए।

      -Don'ts for New believers-

1. Do not preach just after accepting Lord Jesus Christ:

मैंने अक्सर ऐसे कई नये विशवासियों को देखा है जो यीशु पर विश्वास करने के तुरंत बाद भविष्यवाणियां और प्रचार करना शुरू कर देते हैं। ऐसे कई जवान हैं जो जोश में प्रभु यीशु मसीह में तुरंत आने के बाद भविष्यवक्ता और भविष्यदत्ताइन बन जाते हैं और वह चाहते हैं कि वह जल्द से जल्द प्रेरित बन जाए और कई जगह उन्हें कई ठोकरों का सामना करना पड़ता है। यह सच है कि भविष्यवाणी ऊपर से उतरती है क्योंकि यह वह ज्ञान होता है जो मनुष्य का नहीं होता परंतु परमेश्वर की ओर से होता है पर मैं आपको बता दूं परमेश्वर ऐसे काम नहीं करते। प्रचारक, प्रेरित, भविष्यवक्ता, भविष्यदत्ताइन व पासबान परमेश्वर के वो धुरंदर दास होते हैं जो जहन्नुम के दरवाजों को उखाड़ दें, मतलब परमेश्वर उनके द्वारा लाखों जीवनों को बचाते हैं उस नर्क की अग्नि से जिसे जहन्नुम कहा जाता है। और इस स्तर तक पहुंचने के लिए परमेश्वर उन्हें तैयार करते हैं अपनी पवित्र आत्मा के द्वारा वह उन्हें सिखाते हैं शिक्षा देते हैं परिस्थितियों में रखकर तैयार करते हैं तब एक ताया हुआ मसीही योद्धा तैयार होता है।

उन्होंने अपनी सेवकाई की शुरुआत एक शानदार मसीही विश्वास की गहरी नींव पर बने अनुभवों और परीक्षाओं से खरे निकलने वाले अद्भुत आत्मिक सफर से की है।

बाइबल बताती है बालू पर बना घर तूफान आने पर ढह जाता है, परंतु चट्टान पर बना घर आंधी तूफान में स्थिर खड़ा रहता है। आमीन✝️

जब परमेश्वर ने मूसा को इजरायल के नेतृत्व के लिए चुना तो उससे पहले परमेश्वर ने मूसा को एक ऐसी जगह में तैयार किया जहां उसको युद्ध कला भाषाओं का ज्ञान संस्कृतियों और वास्तु कला सिखाई गई। मूसा मिस्र के शाही अभियांत्रिकी (civil engineering) की कुशलता में निपुण था व उसे उसका पूरा ज्ञान था। और वह बहुत सी कलाओं में निपुण था। मिस्र सरकार civil engineering का वह प्रमाण है जिस में हम पृथ्वी के अजूबे खड़े देखते हैं जैसे मिस्र के pyramids कहते हैं, मूसा ऐसी सभ्यता में पला बढ़ा था और यह परमेश्वर की योजना थी और उसने एक निपुण पासबान की तरह पूरे देश की अगुवाई की।

चेले शिष्य कहलाए क्योंकि येशु चाहते थे कि वक्त रहते पहले वह अपने गुरु यीशु नासरी से सीखें। यीशु के जाने के बाद यीशु ने उन्हें बता दिया था कि मेरे बाद "ठहरे रहना" "इंतजार करना" "तैयारी करना"जब पवित्र आत्मा तुम पर उतरेगा तब तुम सामर्थ पाओगे और सारे संसार में मेरे नाम की गवाही दोगे।

पौलुस का जब जीवन परिवर्तित हुआ तो उस दर्शन के बाद जो प्रभु यीशु मसीह ने उसे दिया था उसके बाद कलीसिया का सताने वाला कलीसिया स्थापित करने वाला बन गया। पर एक प्रेरित व पासबान बनने से पहले परमेश्वर ने उसके जीवन को छांटा, तोड़ा, मांझा अपनी सेवकाई के लिए तैयार किया और कुछ वर्षों के बाद फिर एक प्रचारक व पासबान के रूप में इस्तेमाल किया गया। बाइबल बताती है प्रेरितों के काम 22:3 मैं तो यहूदी मनुष्य हूं, जो किलिकिया के तरसुस में जन्मा; परन्तु इस नगर में गमलीएल के पांवों के पास बैठकर पढ़ाया गया, और बाप दादों की व्यवस्था की ठीक रीति पर सिखाया गया; और परमेश्वर के लिये ऐसी धुन लगाए था, जैसे तुम सब आज लगाए हो।

मैं चाहता हूं कि आप एक अच्छे प्रचारक बने हो सकता है परमेश्वर आपको पासबानी सेवकाई के लिए इस्तेमाल करें या परमेश्वर आपको प्रेरिताई के लिए इस्तेमाल करें यह उसकी इच्छा है। पर अभी आप अपना पूरा ध्यान वचन पर केंद्रित करें और अपने विश्वास की भक्ति को प्रतिदिन परमेश्वर को भेंट चढ़ा कर निरंतर अपनी आत्मिक सेवा को पूरा करें। प्रार्थना करना वचन अध्ययन करना व गीत गाकर परमेश्वर की महिमा करना आपके जीवन को एक आकार देता है। आपकी ज्ञान इंद्रियां वचन का अभ्यास करते करते आपको एक ऐसा मसीह होने के लिए तैयार करती हैं जो सेवा कर सके। हां यह सच है कि आप परमेश्वर के राज्य के विस्तार के लिए सृजे गए हैं। यीशु हमें इसलिए दिए गए हैं कि हम अंधकार में खोए हुए को मसीह के प्रकाश में लाएं पर अभी आप ठहर कर धैर्य के साथ मसीही स्वभाव में आगे बढ़े। तुरंत प्रचार ना करें ना ही कोई बाइबल अध्ययन संगठन (Bible study group) संचालित करना शुरू करें। बाइबल बताती है प्रभु में और उसकी शक्ति के प्रभाव में बलवंत बनो आमीन ✝️

2. Do not go seminary too early:

सैमनरी का मतलब जहां चर्च पास्टर तैयार किए जाते हैं। पासबानी सेवकाई एक फुल टाइम मिनिस्ट्री है यानी पूरा जीवन परमेश्वर के राज्य के विस्तार के लिए समर्पित किया जाना। जिसे बड़ी बुलाहट के तहत किया जाता है उस मसीही को जिसे परमेश्वर अपनी सेवकाई के लिए चुने और बुलाए। सेमिनरी कोई फलदार पेड़ नहीं है कि फल देखा और उस पर फल खाने के लिए चढ़ गए। सेमिनरी एक रेगिस्तान की तरह है जो आम हॉस्टल के जीवन से कहीं अधिक पथरीला है। बुलाहट के बिना आप एक कदम भी नहीं चल सकते। स्वाभाविक है मकसद के बिना पथरीली भूमि पर चलना आप को लहूलुहान कर सकता है। मैं आपको नकारात्मक अंधकार में नहीं धकेल रहा परंतु सेमिनरी एक ऐसी जगह है जहां परमेश्वर अपने योद्धाओं को जिनका जीवन उबड़ खाबड़ है छाटते हैं तराशते हैं मरोढ़ते हैं बुलाहट और उनकी आग को एक आकार देते हैं जब तक कि परमेश्वर के लिए वह पूरी तरीके से तैयार ना हो जाए।

एक आम कलीसिया का जन उसको नहीं समझ सकता। बुलाहट एक ऐसी रोशनी है या एक ऐसी ताकत जो पास्टरीय सेवक को उस दौरान अंगारों पर चलने की और रेगिस्तान में जीने का हौसला देती है।

मुझे आज भी याद है जब मैं सेमिनरी में था तो कई ऐसे जवान जो शायद बुलाहट से नहीं थे दो-तीन महीने रह कर वह अपने व्यवसाय में वापस लौट गए। कुछ तो ऐसे थे जिन्हें मैंने वापस जाने से रोका और आज वह अच्छे पदों पर काम कर रहे हैं परमेश्वर की महिमा हो।

मैं ऐसे ठोकर खाए हुए जवान को जानता हूं जो प्रभु यीशु मसीह को ग्रहण करने के तुरंत बाद सैमनरी चला गया। और सैमनरी के पश्चात उसने सेवकाई का सफर शुरू भी कर दिया पर अपने सेवकाई के जीवन में जब आगे जाकर उसको तिरस्कार, अनादर और कठिन वक्त झेलना पड़ा तो वह उसे सह ना सका और वापस अपने पुराने व्यवसाय में और जिस अंधकार से वह निकला था वापस उसी में लौट गया। यह एक दुखद कहानी है।

आप अभी नए विश्वासी हैं और आपको एक फलवंत दरख़्त बनने तक यानी मसीही जीवन में परिपक्व होने तक वचन परमेश्वर और उसकी सामर्थ्य में आगे बढ़ना है ना की ठोकर खाकर वापस लौट जाना है।

एक बार प्रभु यीशु मसीह के अन्य चले यीशु की बातों को सुनकर ठोकर खाकर वापस लौट गए। यूहन्ना 6:66 इस पर उसके चेलों में से बहुतेरे उल्टे फिर गए और उसके बाद उसके साथ न चले।

क्योंकि उन्होंने सोचा येशु के साथ रहने से खाना पीना रहना मिल जाएगा वह अपने स्वार्थ के लिए येशु के चेले बने। पर यीशु ने जिनको चेला बनने के लिए खुद चुना था उन्होंने संसार को यीशु के नाम से हिला कर रख दिया। और यहां तक कि यीशु के लिए वह शहीद भी हो गए।

आप अभी सिर्फ प्रभु को अधिकाई से जाने आराधना और प्रार्थना और वचन को सीखने में वक्त व्यतीत करें और वचन को अमल करने में समय लगाएं। जब आप इस योग्य हो जाएंगे तो परमेश्वर आपको अपनी बुलाहट सेमिनरी के लिए भी दे सकते हैं। उसमें आप का चुनाव मायने नहीं रखेगा परंतु परमेश्वर आपको चुनेंगे ताकि आप जीवन परिवर्तित करने वाले फल लाएं आमीन ✝️

3. Don't fight elections for post in Church Committee:

जिस चर्च में आप प्रभु का वचन सुनने आते हैं उस कलीसिया के उच्च संगठन में पद पाने की लालसा एकदम ना रखें। जब तक कि आपका स्थानीय पासबान आप को मंजूरी न दे।

छोटी व बड़ी कलीसीयाए अपने दर्शन और अपनी पुरानी व नई हर अच्छी व विपरीत परिस्थितियों को गहराई से जानती हैं पहचानती हैं वह पुराने दरख़्त हैं उनकी नैय्या की पतवार परमेश्वर के हाथों में है उन्हें परमेश्वर चलाते हैं। उनका अपना एक आकार व स्वभाव है या कहें एक स्ट्रक्चर है जिसमें परमेश्वर उन्हें बढ़ाते हैं। उनके अपने अंदरूनी नियम और विशेष संगठन है जिन्हें हम core committee pastorate committee या board members कह सकते हैं। जो पासवान के साथ काम करते हैं। कई बार तो इन परिपक्व कलीसियाओं को राजनीति के भंवर से भी गुजरना पड़ता है। नये विश्वासियों से मेरा अनुरोध है कि आप इस बात को सीखें कि आप इस भंवर से दूर रहें। क्योंकि अभी आप का वक्त नहीं है कि आप इन कोर कमेटी पासट्रेट कमेटी जैसे संगठनों के सदस्य बने जब तक कि आपका पासबान यह ना देख ले कि आप तैयार हैं कि नहीं।

अगर आप नये विश्वासी हैं तो आप चर्च के राजनैतिक व गवर्निंग बॉडी में पद पाने की इच्छा के कारण से आपका आत्मिक जीवन अस्थिर हो सकता है। इसका सीधा असर आप के विश्वास और आत्मिक जीवन व परिवार के आत्मिक जीवन पर पड़ सकता है। क्योंकी चर्च के अंदर के डीएनए में रमने में अभी आपको समय लगेगा। ऐसे कई नये विश्वासी हैं जिन्होंने पासबान के साथ मिलकर चर्च के संगठन में राजनीति करने के लिए भाग लिया और परिणाम यह हुआ कि वह बुरी तरह ठोकर खाकर विश्वास में गिर गए और चर्च की दीवार के अंदर की अच्छी बातों को अपने जीवन में उतार न सके परंतु ऊपरी तौर से चर्च के नियमों में फंस कर उन्होंने अपने विश्वास को कमजोर बना दिया और उनका विश्वास रूपी जहाज चलने से पहले ही डूब गया। यह गलत कदम उठाने के कारण हुआ या हो सकता उनको सही मार्गदर्शन न मिला हो। 

आप सीखे समझे चर्च शहर की वह ताकत है जो हर स्तर पर काम करती है। अगर आप चर्च के उन हिस्सों को छूना चाहेंगे जिनके लिए अभी आप परिपक्व नहीं है न ही तैयार हैं तो निश्चय है कि आपका हाथ जल जाएगा। चर्च के अंदर होने वाले हर कार्यक्रम को जो आपके आत्मिक जीवन को लाभ पहुंचा सकतें है उसमें जरूर परिवार सहित भाग लें पर चर्च कमेटी में भाग लेने का वक्त अभी नहीं आया है।आपको परमेश्वर ने पासबान व कलीसिया के साथ इसलिए जुड़ा है ताकि आपका विश्वास चट्टान की तरह मजबूत बने और आप उनसे सीखे।

कलीसियाओं में कुछ कमियां भी हो सकतीं हैं जिसे वह खुद जानते हैं और उन्हें खुद भी दुख है कि उनको सदियां बीत गई उन कमियों को दूर करते-करते, शैतान से लड़ते-लड़ते वह उनका सामना कर रहे हैं और परमेश्वर ने उनको कहीं-कहीं कामयाब भी किया है और बहुत बातों में वो कामयाबी के मार्ग पर हैं। आप उन गहरी समस्याओं को अभी ना जाने और ना ही आप उन को सुलझाने में अपना हाथ लगाएं। आपका चर्च बहुत सी अच्छाइयों से भरा पड़ा है, आप सिर्फ वचन पासबान के ठहराए कार्यक्रमों व बाइबल अध्ययन में सहभागी हों। रविवारीय आराधना में गीत गाए अपनी कविताएं लिखकर पासवान को दिखाएं उसके साथ अपनी बातों को साझा करें गीत लिखे व उन गीतों को गाएं, कोई लेख लिखें और रविवार आराधना में सबके सामने उसको पेश करें। फिर देखें आपका अपना कलीसियाई परिवार आपको आपके आत्मिक जीवन में उठने में बहुत सहायता और मदद करेगा और आपको प्रभु में बहुत प्रोत्साहन मिलेगा। आपका कलीसियाई  परिवार व पासवान आपके हर कदम पर आपके साथ हैं आमीन। ✝️

4. Do not show off your faith on Roads: 

प्रिय नए विश्वासी!! अपने विश्वास का सड़को, चौराहों व मोड़ों पर प्रचार ना करें। मैं जानता हूं आप बहुत खुश हैं अति उत्साहित है यीशु मसीह के प्यार ने आपको आनंद से भर दिया है। मैं उस आनंद को समझ सकता हूं। जिसे शायद संसार का अंधकार में रहने वाला जीवन सोच भी नहीं सकता। पर मेरे प्रिय अज़ीज़ मैं आपको प्रेम के साथ बड़ी दीनता और नम्रता में यह बात सिखाना चाहता हूं कि मसीही जीवन दिखावटी और खोखलापन नहीं है। हम मसीही अपने कामों को दिखाकर नहीं करते वरन हम नमक की तरह काम करते हैं जो बिना देखे खाने के स्वाद व उसकी मूल विशेषता को निखार देता है। हम मसीही शांति के साथ प्रार्थना में गुप्त स्थान में अपने आंदोलन लड़ते हैं। और तख्तों को उलटने की ताकत रखते हैं। यह हमारे द्वारा नहीं परंतु प्रार्थना की शक्ति के द्वारा से किया जाता है। मसीही कलीसिया विश्व की वह ताकत है जिसे परमेश्वर चलाता है अपनी योजनाओं को पूरा करने के लिए। जैसे-जैसे आप विश्वास से प्रार्थना के जीवन में आगे बढ़ेंगे आपको पता चलेगा कि एक मसीही के प्रभु यीशु मसीह के द्वारा दिए गए क्या क्या अधिकार है। एक मसीही वह योद्धा है जो एक शहर को बचाने के लिए अकेला ही काफी है। इस संसार में मात्र 90% मसीही हैं और जिन्होंने संसार में 90% मसीहत को फैलाया है वह मात्र केवल 10% परमेश्वर के प्रार्थना योद्धा व चेले थे। और यह काम किसी मनुष्य का नहीं वरन परमेश्वर का है हम मसीही सिर्फ उसके सहकर्मी हैं। 

एक बार यहूशू ने परमेश्वर से कहा हे प्रभु हम तो उन 5 राजाओं की सेना के सामने बकरी का छोटा सा झुंड है। परमेश्वर ने कहा हे बकरी के छोटे झुंड मत डर मैं तेरे संग हूं।

आप भी उसी सफर में चल दिए हैं। याद रखें आपका विश्वास ही आपकी सबसे बड़ी ताकत है। 

जिन चेलों ने संसार में मसीहत को फैलाया उन्होंने अपने विश्वास को अपने तक रखा परंतु उस विश्वास से उन्होंने लाखों लोगों का जीवन बचाया जैसे आपका भी बचाया गया है। बाइबल बताती है जो तेरा विश्वास हो, उसे परमेश्वर के साम्हने अपने ही मन में रख।

याद रखें सड़कों पर प्रार्थना व अपने विश्वास का ढिंढोरा पीटना परमेश्वर को पसंद नहीं यीशु कहते हैं मत्ती 6:1-8

सावधान रहो! तुम मनुष्यों को दिखाने के लिये अपने धर्म के काम न करो, नहीं तो अपने स्वर्गीय पिता से कुछ भी फल न पाओगे। इसलिये जब तू दान करे, तो अपने आगे तुरही न बजवा, जैसा कपटी, सभाओं और गलियों में करते हैं, ताकि लोग उन की बड़ाई करें, मैं तुम से सच कहता हूं, कि वे अपना फल पा चुके। परन्तु जब तू दान करे, तो जो तेरा दाहिना हाथ करता है, उसे तेरा बांया हाथ न जानने पाए। ताकि तेरा दान गुप्त रहे; और तब तेरा पिता जो गुप्त में देखता है, तुझे प्रतिफल देगा॥ और जब तू प्रार्थना करे, तो कपटियों के समान न हो क्योंकि लोगों को दिखाने के लिये सभाओं में और सड़कों के मोड़ों पर खड़े होकर प्रार्थना करना उन को अच्छा लगता है; मैं तुम से सच कहता हूं, कि वे अपना प्रतिफल पा चुके। परन्तु जब तू प्रार्थना करे, तो अपनी कोठरी में जा; और द्वार बन्द कर के अपने पिता से जो गुप्त में है प्रार्थना कर; और तब तेरा पिता जो गुप्त में देखता है, तुझे प्रतिफल देगा। प्रार्थना करते समय अन्यजातियों की नाईं बक बक न करो; क्योंकि वे समझते हैं कि उनके बहुत बोलने से उन की सुनी जाएगी। सो तुम उन की नाईं न बनो, क्योंकि तुम्हारा पिता तुम्हारे मांगने से पहिले ही जानता है, कि तुम्हारी क्या क्या आवश्यक्ता है। 

आप को विश्वास में प्रभु इसलिए लेकर आए हैं कि आप उसमें आगे बढ़े और प्रभु यीशु मसीह के जी उठने और द्वितीय आगमन की गवाही बने। हमारे विश्वास से हम ऊपर नहीं उठते परंतु परमेश्वर हर बात में महिमा और आदर पाते हैं। आपका मसीही विश्वास आपको प्रकाशित नहीं करता पर प्रभु यीशु मसीह के स्वभाव को प्रकाशित करता है। पौलुस कहता है मैं जीवित नहीं परंतु प्रभु यीशु मुझ में जीवित है।

विश्वास कोई शोर मचाने का खिलौना नहीं है वरन एक मसीही जीवन का धन है जिसे छुपाकर काम में लाता जाता है क्योंकि वह जानता है कि परमेश्वर पर विश्वास हीरे मोतियों से ज्यादा मूल्यवान है। अगले कुछ अध्यायों में हम विश्वास मूल्यवान है समझेंगे। 

आप इस बात को सीखें मैं एक मसीही विश्वासी हूं से ज्यादा अच्छा यह कहना है है कि आप इस बात की गवाही दें कि मैं मसीही विश्वास में कैसे आया। प्रभु यीशु मसीह ने आपके जीवन में क्या किया। आपका अपना जीवन कैसे बचाया गया इसकी गवाही आप उन लोगों को बताए जिन्हें प्रभु यीशु मसीह के बारे में पता ही नहीं है। प्रभु आपको आशीष दे आमीन। ✝️

5. Do not so quick to learn from unknown sources:

जब आप चर्च के कार्यक्रमों में सहभागी होते हैं तो आप चर्च के पुराने सदस्यों के साथ अपना आंकलन ना करें। परंतु आप उनसे सीखे उनकी गलतियां उनकी खामियां उनकी अच्छाइयां और उनके खूबसूरत आत्मिक सफर से कुछ ना कुछ नया सीखे अपने पासबान से कुछ ना कुछ नया सीखें। परमेश्वर की निगाह में आप उतने ही बहुमूल्य है जितने की वह है। बस फर्क इतना है कि वह बचपन से मसीहत में है और आपको परमेश्वर ने अभी बचाया है। इसमें ना वह सीनियर है ना आप जूनियर परमेश्वर की निगाह में वह और आप दोनों समान है क्योंकि परमेश्वर आपकी तरह नहीं सोचते। 

मैं यह मानता हूं कि आप पुराने परिपक्व मसीहों से ज्यादा मूल्यवान हैं। परमेश्वर जानते हैं कि आपने अभी अभी नया आत्मिक जन्म लिया है। प्रकृति में किसी भी जीव का हर नया जन्मा बच्चा उसके मां-बाप के लिए अन्य दूसरे बच्चों से बहुत बहुमूल्य होता है क्योंकि उसको ज्यादा देखभाल की आवश्यकता पड़ती है। क्योंकि वह छोटा है कमजोर है उस की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है। इसलिए आप ज्यादा मूल्यवान है कि कहीं आप गिर ना जाए। इसलिए परमेश्वर को आपका ख्याल है और वह आपकी निरंतर चिंता करता है कि आप आगे बढ़ते जाएं। शैतान के थपेड़ों का सामना करके और उसकी देखी देखी चालों को समझकर आप प्रभु में उन्नति और तरक्की करते जाएं यही उसकी इच्छा है

ध्यान रहे वचन को सीखने के लिए हर जगह विश्वसनीय (faithful) नहीं होती क्योंकि जैसे हर सोता पानी का मीठा नहीं होता और हर प्राकृतिक पानी पीने के लिए नहीं होता वैसे ही हर आवाज परमेश्वर की आवाज नहीं होती। आज संसार में सैकड़ों प्रचारक व प्रभु के दास वचन प्रचार कर रहे हैं आप सब को सुने उनका आदर करें और कुछ बातों का ध्यान रखें यह अंत समय चल रहा है जहां लाखों वचन प्रचारक हैं वहीं उनमें से बहुत से उठ खड़े हुए हैं। उठ खड़े होने का मतलब उनको परमेश्वर ने नहीं बुलाया बस उठ खड़े हुए हैं और वचन को इस तरीके से पेश करते हैं कि आपको लगेगा कि परमेश्वर की आवाज है पर क्या आप जानते हैं ना केवल नये विश्वासियों को सतर्कता बरतने की आवश्यकता है बल्कि पुराने मसीही जीवनों को भी चौकस रहना है।

ध्यान रहे जो वचन आप परमेश्वर की आवाज समझकर सुन रहे हैं उसको आपको छानना या फिल्टर करना यानी शुद्धता के पैमाने से निकालना आना चाहिए। जिसे हम आगे आने वाले अध्ययनों में सीखेंगे फिलहाल आप सिर्फ अपने ही पासबान की बात सुने और उस की बताई पुस्तकों को ही पड़े क्योंकि हर पुस्तक पढ़ने योग्य नहीं होती। नये विश्वासी वह कलीसिया की मजबूत शाखाओं को यह परखना आना चाहिए कि हर आत्मा प्रभु की ओर से नहीं होती। बाइबल बताती है हर एक आत्मा की प्रतीति ना करो वर्न आत्माओं को परखो की वह प्रभु की ओर से है कि नहीं।

शुरुआत में इन 5 खास बातों का नये विश्वासी ध्यान रखें व यह सीखें है समझे ताकि आप अपने शुरुआती मसीही जीवन को एक मजबूत नींव पर तैयार करें प्रभु आप सबको आशीष दे। आमीन 🙏

Pastor Vivek Simon

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