Posts

Showing posts from August, 2021

अध्याय 5 BASIC FACTS OF THE PRAYER (प्रार्थना के तथ्य)

Image
  अध्याय 5 BASIC FACTS OF THE PRAYER प्रार्थना के तथ्य प्रस्तावना: हमने पिछले अध्याय में मनन किया की प्रार्थना के मूल तत्व (Basic elements) क्या है और हमने यह भी मनन किया था कि आप अपने प्रार्थना करने के तरीके को न बदलें वरन यह पाठ्यक्रम आपके मसीही जीवन में आत्मिक उन्नति को बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। आपका प्रार्थना का जीवन आपका संबंध परमेश्वर के साथ मजबूत करता है इस अध्याय में हम प्रार्थना के तथ्यों पर मनन करेंगे जो हमें सिखाएंगे कि हमारी प्रार्थना परमेश्वर कब सुनते हैं और कब पूरा करते हैं।  यह तथ्य पवित्र शास्त्र बाइबल के हैं जिन्हें न सिर्फ हमें पता होना चाहिए परंतु इन बातों को हमें प्रतिदिन अपने जीवन में अमल करना चाहिए।  यह सच है कि एक मसीही जीवन प्रार्थना का जीवन है पर हमारा प्रार्थना का वक्त हमारे अनंत जीवन में परमेश्वर के साथ रहने में बहुत सहायता करेगा। पृथ्वी पर जितना वक्त मनुष्य परमेश्वर के बिना व्यतीत करता है उतना ही परमेश्वर के बिना अनंत जीवन में वक्त बिताना पड़ेगा। यह एक कड़वा सच है।  प्रार्थना के जीवन में हमें कुछ खास विशेष बातों का ख्याल रखना पड़ता ...

अध्याय -4 प्रार्थना के मूल तत्व

Image
  अध्याय -4 प्रार्थना के मूल तत्व Basic Elements of Prayer प्रस्तावना- जब आपने प्रभु यीशु मसीह को स्वीकार किया होगा आपको बताया गया होगा कि हम प्रार्थना करते हैं। प्रार्थना हम सबके आत्मिक जीवन में एक विशेष स्थान रखती है। आइए प्रार्थना को अब हम विस्तार से अध्ययन करेंगे जो एक दिलचस्प और महत्वपूर्ण विषय है। कोई भी व्यक्ति जन्म से प्रार्थना करने नहीं लगता पर यह परमेश्वर की इच्छा पर निर्भर करता है कि वह व्यक्ति परमेश्वर की नजदीकी में प्रभु येशु मसीह के नाम से आए और जब वह अविश्वासी सच्चे परमेश्वर को अपने बनाने वाले को पहचान जाता है तब खुद पवित्र आत्मा घुटनों पर उसे ले जाकर उसे प्रार्थना सिखाते हैं। जो आपका प्रार्थना करने का तरीका है आप उसे न बदलें इस पाठ्यक्रम के इस विशेष अध्याय का मकसद आपके प्रार्थना में जीवन को और अधिक मजबूत वह प्रभावशाली बनाना है। इस पाठ्यक्रम के द्वारा इस विशेष अध्याय के माध्यम से आप अपनी प्रार्थना में कुछ खास बातें जोड़कर एक प्रभावशाली प्रार्थना कर पाएंगे। प्रार्थनामय जीवन के कुछ मूल तत्व हैं जो परमेश्वर के वचन से ही हैं, हम मनन करेंगे। "दुआ" "प्रार्थना...