COURSE FOR NEW BELIVERS अध्याय 1 निपुण चरवाहे की जरूरत

 

COURSE FOR NEW BELIVERS

अध्याय 1

निपुण चरवाहे की जरूरत


एक नए विश्वासी को सबसे पहले जरूरत होती है एक चरवाहे की। चरवाहा मतलब एक चर्च का पास्टर जिसे आपने पहले चर्च फादर के नाम से सुना होगा। आपने चरवाहों के विषय में सुना होगा जी हां वही चरवाहे जो भेड़ और बकरियों को चराते हैं। बाइबल की भाषा में एक चर्च पास्टर या चर्च का फादर को चरवाहे के रूप में देखा गया है वैसे तो परमेश्वर को भी बाइबल संसार का चरवाहा बताती है। दाऊद कहता है भजन संहिता 23:1 में, यहोवा मेरा चरवाहा है। भजन संहिता 95:7 में क्योंकि वही हमारा परमेश्वर है, और हम उसकी चराई की प्रजा, और उसके हाथ की भेड़ें हैं॥

कलीसिया यानी आप और मैं प्रभु यीशु मसीह की भेड़े हैं और वह हमारा चरवाहा है। पर पवित्र शास्त्र बाइबल कलीसिया के अगुवे यानी नेतृत्व करने वाला या आत्मिक गुरु या चर्च पास्टर को भी चरवाहा बताती है। आप नए विश्वासी जो अभी-अभी प्रभु यीशु मसीह मैं आए हैं उन्हें सबसे पहले एक सही निपुण चरवाहे की जरूरत होती है। जो आपकी अगुवाई करें आपका मार्गदर्शन करे।


एक नया विश्वासी मुझको मेरे चर्च में मिला और उस जवान ने मेरे से प्रश्न किया पास्टर क्या मैं अकेले ही मसीही जीवन में आगे बढ़ सकता हूं आपका चर्च मेरे घर से बहुत दूर है। मैं अभी नया विश्वासी हूं मुझे मार्ग दिखाएं। फिर उसने पूछा पास्टर मैंने यीशु मसीह को अपने जीवन में ग्रहण किया है अब मैं क्या करूं? उस जवान का प्रश्न ऐसे कई नए विशवासियों का प्रश्न है जो कहते हैं क्या हम अकेले ही मसीही जीवन का सफर तय कर सकते हैं? यह परेशानी सिर्फ नये विश्ववासियों की ही नहीं है बल्कि बड़ी कलीसिया के पढ़े-लिखे परिपक्व मसीही जीवनों की भी है।

मैंने अक्सर बहुत सी बड़ी स्थानीय कलीसियाओं को यह कहते सुना है कि हमें चरवाहे की यानी स्थानीय पासवान की जरूरत नहीं है। हम अपना चरवाहा खुद चुन लेंगे या हमारा चरवाहा तो यीशु मसीह है हमें किसी चरवाहे की आवश्यकता नहीं। परंतु क्या आप जानते हैं यह एक गलत धारणा ही नहीं परंतु यह वह स्वभाव है जिसे परमेश्वर पसंद नहीं करते। अगर किसी को पास्टर की आवश्यकता नहीं है तो परमेश्वर अपनी मासूम कॉम इस्रायल के नेतृत्व के लिए मूसा के रूप में एक बेहतरीन निपुण चरवाहा कभी ना देता। यहां तक कि परमेश्वर की आज्ञा से मूसा ने अन्य चरवाहों को तैयार करके नियुक्त किया।

अगर आप पुराना नियम जानते हैं तो मैं आपको एक बात साझा करना चाहता हूं कि मैं एक इब्रानी भाषा जिसे बाइबल की पुरानी नियम की मूल भाषा कहते हैं उसका एक स्कॉलर भी हूं और आपको यह बात बता देना चाहता हूं कि चरवाहे पीढ़ी दर पीढ़ी परमेश्वर की ओर से बदले गए और यह काम प्रजा या कलीसिया ने नहीं किया परंतु परमेश्वर की इच्छा से किया गया। चरवाहे यानी पासबान शिक्षक दिशा दिखाने वाले सहायता करने वाले आत्मिक गुरु प्रार्थना करने वाले प्रचार करने वाले वह परमेश्वर के दास हैं जिनको परमेश्वर ने नियुक्त किया है की वह फल लाएं फल लाने का मतलब जीवन बचाएं और जीवन परिवर्तित करें। नये विश्वासी आप इस बात को जरूर समझे कि प्रभु यीशु मसीह को स्वीकार करने के बाद आप अकेले ही आगे बढ़ने का प्रयत्न ना करें। आपका मसीही जीवन में अकेलापन उतना ही खतरनाक है जितना जंगल में अकेले रहना।

प्रकृति से सीख:

यह प्रकृति का नियम है या कहें कि परमेश्वर के द्वारा प्रकृति में रखा गया प्राकृतिक स्वभाव की हर नई शुरुआत को ठोकर जरूर लगती हैं या कहें कि वह ठोकरों से गिर गिर कर चलना सीखता है। प्रभु यीशु मसीह कहते हैं ठोकरों का लगना अवश्य है। इसलिए हमें उन अनुभवों से सीखना चाहिए जो उस लंबे सफर को तय कर चुके हैं। उसमें उन्होंने गिरना उठना संभलना सीखा है। अनुभवी लोगों से सीखना हमारा समय बचाता है। क्योंकि आप जो सफर करने वाले हैं उसकी लंबाई गहराई और चौड़ाई उसमें कहां-कहां गड्ढे और अड़चनें उन्हें मिली उसका उनको अनुभव है। अगर आप परिपक्व मसीही विश्वासीयो के अनुभवों से सीखते हैं तो आपको कम ठोकरों का सामना करना पड़ता है और गिरना नहीं पड़ेता।
प्रकृति में कई ऐसे जीव है जो अपने बच्चों को चलना और उड़ना सिखाते हैं जब पैदा हुए बच्चे चलना व उड़ना सीखते हैं तो कई बार गिरते हैं, वेफल होते हैं पर उस दौरान ईश्वर ने उनको एक सहायक दिया होता है जो उनके परिपक्व होने तक उनको उड़ना और चलना सिखाता है।कभी-कभी अगर नए जन्मे हुए जानवरों को अकेले ही जीना सीखना पड़ता है पर उनमें से अधिकतम जंगली जानवरों का आहार हो जाते हैं।
एक बार जिराफ मां अपने नए जन्मे हुए बच्चे को जो लड़खड़ा कर चलना सीख रहा था एक जोरदार लात मारी तो उसका बच्चा पत्थरों पर गिर गया वह फिर उठा ऐसा उस मां ने कई बार किया क्योंकि अगर मां जिराफ ऐसा नहीं करेगी तो वो चलना नहीं सीख पाएगा वह चाहती है कि वह जल्द से जल्द चलना सीखे क्योंकि जंगल के खतरों का सामना व जंगली जानवरों को खतरा उसको जीने नहीं देगा। उसका जल्द से जल्द चलना बहुत जरूरी है परिपक्व होने तक मां उस की सहायता और शिक्षा के लिए उसके साथ रहकर उसको मार्ग दिखाती है।
ऐसी नए विश्वासी मसीही जीवन है जिनमें मसीही जीवन में पासबान एक पास्टर जिसे हम चरवाहा कहते हैं हमेशा आप की अगुवाई के लिए आपसे जुड़ा रहना चाहिए यह परमेश्वर की इच्छा है। जो आपको मसीही सफर के तौर तरीके वचन की शिक्षा और सही मार्गदर्शन मैं आगे बढ़ाता जाएगा जब तक आप कलीसिया के परिपक्व सदस्य नहीं बन जाते।
माता-पिता कि सीख, स्कूल में दी गई प्राइमरी शिक्षा बच्चे की मजबूत नींव होती है। आपके माता पिता हों या आप के शिक्षक वो सब एक चरवाहे की तरह आप की देखभाल और दिशानिर्देश करते थे। इसलिए प्रभु यीशु मसीह ने चेलों से कहा यह सच है कि मैं अपने पिता के पास जा रहा हूं पर तुम्हें एक पासवान एक शिक्षक एक सहायक दूंगा जो तुम सब बातें सिखाएगा।

यीशु मसीह कहते हैं यूहन्ना 14:26 में परन्तु सहायक अर्थात पवित्र आत्मा जिसे पिता मेरे नाम से भेजेगा, वह तुम्हें सब बातें सिखाएगा, और जो कुछ मैं ने तुम से कहा है, वह सब तुम्हें स्मरण कराएगा।
यीशु खुद अपने को एक चरवाहा कहते थे सच्चा चरवाहा में हूं। और येशु जानते थे कि नए विश्वासियों को चरवाहे की जरूरत है। चलो को यीशु ने स्वर्गारोहण के बाद भी नहीं छोड़ा उनका पवित्र आत्मा उनकी निरंतर अगुवाई करता था उनको सिखाता था संभालता था और सामर्थ्य देता था। आपके मसीही प्रारंभिक सफर में आपका चरवाहा या आपका गुरु होना बहुत जरूरी है। मेरा मसीही विश्वासीयो से अनुरोध है कि वह अकेले ना चले पर अपनी कलीसियाओं के संग बने रहे वह अपने स्थानीय पासवान के संपर्क में रहें।

प्रभु यीशु मसीह के विश्वासी नाव में यात्रा के लिए मैं आपका स्वागत करता हूं। प्रभु आपको आशीष दे और आपके परिवार की अगुवाई और मार्गदर्शन करें आमीन।

प्रभु यीशु मसीह के समय में हजारों लोगों की भीड़ एक भेड़ों के झुंड के समान थी।प्रभु यीशु मसीह ने आज से लगभग 2000 वर्ष पूर्व हजारों लोगों का जीवन परिवर्तित किया उनकी सुधि ली उनकी चरवाही की और प्रभु यीशु मसीह ने इस बात को प्रमाणित किया कि वह एक उत्तम चरवाहे हैं।
हां यह सच है कि यीशु उन 5000 से ज्यादा लोगों के जो नए विश्वासी थे उनके यहां खुद नहीं जा पाते थे पर वह घर-घर जाकर जो उन्हें बुलाता था और जो नहीं भी बुलाता था वहां वह जाया करते थे उनकी सुधि लेते थे उनके लिए दुआ करते थे उनकी पहनुवाई करते थे। प्रभु यीशु मसीह के शारीरिक देह में यह नामुमकिन था कि वह एक समय में कई स्थानों पर उपस्थित होते। एक बार येशु मार्था के घर पहुंचे और लाज़र की मृत्यु हो चुकी थी तो मार्था ने कहा प्रभु अगर तू यहां होता तो मेरा भाई कदापि ना मरता। इसका मतलब जब लाज़र की मौत हुई तब यीशु वहां उपस्थित नहीं थे। पर आज स्वर्गारोहण के बाद येशु अब मानव शरीर की सीमा में बंधे हुए नहीं हैं। क्योंकि आज वो एक ही वक्त में आपके घर में भी हैं और उसी वक्त में मेरे घर में भी।

जब येशु शारीरिक दशा में पृथ्वी पर थे तो इसी कारण उन्होंने 70 चेलों को चरवाहों के रूप में तैयार करके घर-घर लोगों की सुधि लेने भेजा। क्या वजह थी कि यीशु को ऐसा करना पड़ा वजह थी कि आप जैसे नए विश्वासियों की चरवाही, पहनुवाई, अगुवाई, सुधी लेना और प्रेम करना। प्रभु यीशु मसीह ने पासबानों को तैयार किया इसका मतलब परमेश्वर चाहता है कि आप बिना पासबान और गुरु के अकेले ना चले।

आज आप इस बात को सीखे जो अभी विश्वास में नये हैं आप एक छोटे पौधे के रूप में जिन्हें अभी परिपक्व दरख़्त बनना है मसीही विश्वास में चट्टान की तरह मजबूत होना है। प्रभु यीशु मसीह आपके लिए चिंतित है क्योंकि किसी मनुष्य ने आप को नहीं बचाया परंतु खुद परमेश्वर ने आप को बचाया है। प्रभु यीशु मसीह के बहुमूल्य चेले हैं। जिनको तैयारी की आवश्यकता है। सिर्फ यीशु पर विश्वास करना पर्याप्त नहीं है। विश्वास के बाद वचन में बढ़ना, उन्नति करना उद्धार पाकर दूसरों के उद्धार का कारण बनना जरूरी है। प्रभु यीशु मसीह को आप की सुधि है और वह चाहता है आप आगे बढ़े ठहरे ना रहे ना ही विश्वास में गिरे ना ही खुदा और वचनों से दूर हो जाएं।

हजारों की तादाद में यीशु लोगों को प्रतिदिन वचन सिखाते थे और उनका जीवन बचाते और मन फिराने के बाद यीशु मसीह नये विश्वासियो को बचाने के बाद छोड़ते नहीं थे। वह कहते थे मैं जाता हूं पर जगत के अंत तक तुम्हारे साथ हूं एक चरवाहे के रूप में। यीशु नये विश्वासियों की आज भी सुधि रखते हैं आपने जिस दिन मन फिराया था उस दिन स्वर्ग में उत्सव मनाया गया था। यीशु प्रतिदिन आपके घर में आते हैं आपकी प्रार्थना सुनते हैं आप की आराधना में सहभागी होते हैं आपसे प्यार करते हैं आपको आशीष देते हैं आपकी जरूरतों को पूरा करते हैं और उन जरूरतों को पहले से ही जानते हैं। प्रभु यीशु मसीह ने कहा मैं जगत के अंत तक सदैव तुम्हारे साथ हूं संसार में तुम्हें क्लेश होता है ढांढस बांधो संसार को मैंने जीत लिया है आमीन।

मेरा विश्वास है कि आप का पास्टर आप की तैयारी आप की दिशा आपकी चरवाही आपको वचन से सींचना और द्वितीय आगमन की तैयारी करा रहे होंगे। वचन बताता है परमेश्वर कहते हैं मैं तुम्हें अपने मन के अनुकूल चरवाहे दूंगा जो तुम्हें ज्ञान और बुद्धि से चलाएंगे।
हो सकता है अभी आप बिना चरवाहे के हों। परंतु आपके जीवन को सही दिशा और मार्गदर्शन के लिए आपके चरवाही के लिए एक पास्टर चरवाहा जरूर चुने क्योंकि पासबान के बिना आप आत्मिक परिस्थितियों को संभाल नहीं पाएंगे।

मैं प्रार्थना करूंगा परमेश्वर आपको एक ऐसा चरवाहा दे जो आपको प्यार बुद्धि ज्ञान प्रवीणता और सही शिक्षा, जैसे पिता देता है आपको प्रदान करें आमीन।
आप जिस भी विश्वास से निकल कर आए हैं मसीही जीवन उन सब से अलग है अपने जीवन में यीशु मसीह को अपना काम अपने जीवन में करने दें।

आज के इस पहले अध्याय में नए विश्वासी यानी आप पहले दो काम करें।

1. Follow your Shepherd and always remember them:

आपका स्थानीय पासवान का आप सहयोग करें हर रविवार आराधना में मात्र अपनी अटेंडेंस ना लगाएं पर वचन से कुछ ना कुछ जरूर सीखें।
उनके तैयार किए कार्यक्रम बाइबल अध्ययन और बच्चों के संडे स्कूल से लेकर सभी आत्मिक सभाओं का हिस्सा जरूर बनी। अपनी कलीसिया के परिवार से जरूर जुड़े रहे।
सब कलीसिया के परिवारों के साथ अच्छा व्यवहार रखें उन से मेलजोल बढ़ाएं और उनसे भी कुछ ना कुछ वचन से नया सीखने का प्रयत्न करें।
बाइबल बताती है जो तुम्हारे अगुवे है जिन्होंने तुम्हें परमेश्वर का वचन सुनाया है उन्हें स्मरण रखो उनका चाल चलन ध्यान से देखो और उनके विश्वास का अनुकरण करो उनकी आज्ञा मानो और उनके अधीन रहो क्योंकि वह आपके प्राणों के लिए जागते रहते हैं।

2. Respect your Pastors:

आपका स्थानीय पासवान आपके नए विश्वासी जीवन में एक बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। बार-बार कलीसिया ना बदलें नहीं अपना पासवान बदले।
बाइबल बताती है कि जो तुम में परिश्रम करते हैं और प्रभु मैं तुम्हारे अगुवे हैं और जो तुम्हें शिक्षा देते हैं उनका सम्मान करो और उनको प्रेम के साथ आदर के योग्य समझो।
जो पासबान अच्छा प्रबंध करते हैं विशेष करके जो वचन सुनाने और सिखाने में परिश्रम करते हैं 2 गुना आदर के योग्य समझे जाएं।
प्रभु आपको आशीष दे। आमीन 🙏
                                                                                  PASTOR VIVEK SIMON

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